शनिवार, 15 दिसंबर 2012

पार्थवी के जादू भाग -६ Parthvi's magic-6

पार्थवी के जादू भाग -६ Parthvi's magic-6

पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला का छटा जादू प्रस्तुत है
हाथ की गर्मी पा कर उपकरण के अंदर की वायु विस्तारित होती है और जो पानी पर दबाव डालती है और पानी उपर के बल्ब में चढ़ने लगता है
देखें विडियो 

शुक्रवार, 7 दिसंबर 2012

पार्थवी के जादू भाग - ५ Parthvi's magic-5

पार्थवी के जादू भाग - ५  Parthvi's magic-5

पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला का पांचवा जादू प्रस्तुत है
हाथ की गर्मी पा कर उपकरण के अंदर की वायु विस्तारित होती है और जो पानी पर दबाव डालती है और पानी उपर के बल्ब में चढ़ने लगता है
देखें विडियो 


गुरुवार, 25 अक्तूबर 2012

पार्थवी ने देखा विश्व का सबसे बड़ा रावण का पुतला dashhra fastival of Barara Haryana



पार्थवी ने देखा विश्व का सबसे बड़ा रावण का पुतला Dashhra festival of Barara Haryana
उड़नखटोले पर आए श्रीराम, सबसे बड़ा अहंकारी पलभर में खाक
 बहुत दिनों से बराड़ा जिला अम्बाला नजदीक जिला यमुनानगर हरियाणा के मशहूर रावण दहन को देखने का प्लान कर चुके थे और पार्थवी ने परिवार व मासी शशि व अंकल के साथ  दूर दूर से आये  50 हजार लोग दशहरे के इस दिन व अनूठे मौके के गवाह बने, संभवत: अगले कुछ दिनों में दुनिया के छह अरब लोग एक रिकार्ड के रूप में इसके बारे में किताबों में जानेंगे। यहां 195 फुट के रावण का दहन हुआ। रावण की यह ऊंचाई गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रस्तावित है।
शायद बुराई की ऊंचाई किसी को अच्छी नहीं लगती लेकिन बराड़ा में बुराई की यही ऊंचाई लोगों के लिए गर्व की बात बनी। हर किसी का रुख उस मैदान की तरफ था जिसमें रावण का विशालकाय पुतला तना था। हालांकि मेघनाद व कुंभकरण के पुतले भी लगाए गए थे लेकिन उनकी ऊंचाई कम होने के कारण उनकी चर्चा नहीं हुई।

दोसड़का शाहाबाद स्टेट हाइवे पर पांच किलोमीटर तक जाम की स्थिति पैदा हो गई थी क्योंकि हजारों लोग रेलवे फ्लाईओवर पर ही खड़े होकर रावण दहन का नजारा देखने के लिए डट गए थे। यही नहीं इस मैदान के पास से रेलवे ने भी ट्रेन डेड स्लो गति से गुजारने के आदेश कर दिए थे। ताकि दहन देखने में खोई भीड़ के साथ कोई हादसा न हो जाए।
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयदशमी क्षेत्र में जहां धूमधाम से मनाया गया वहीं बराड़ा में आयोजित दशहरे मेले में विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले को जलता देखने के लिए अपार भीड़ एकत्रित हुई। क्षेत्र में पिछले लगभग डेढ़ सप्ताह से शुरू हुई रामलीला का रोमांच आज सायं उस समय चरम सीमा पर पहुंच गया जब श्री राम एवं रावण की सेना ने दशहरा मैदान में प्रवेश किया। इसी बीच जैसे ही रावण के पुतले को श्री राम जी का तीर लगा वैसे ही श्री राम की जय हो, श्री राम की जय हो के उद्घोषों से वातावरण गूंजने लगा।
ज्ञात रहे कि श्री राम लीला क्लब द्वारा रामलीला आयोजन के 25 वर्ष पूरे होने पर इस बार दशहरा पर्व को रजत जयंती के रूप में मनाने का फैसला किया गया था। रजत जयंती को धूमधाम से मनाने के लिए क्लब ने पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया  जिसमें पहले दिन हास्य कवि सम्मेलन, दूसरे दिन विश्व प्रसिद्ध जादूगर सम्राट शंकर, तीसरे दिन सूफी गायक हंसराज हंस तथा चौथे दिन नौजवानों के दिलों की धड़कन पंजाबी गायक प्रीत हरपाल द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर क्षेत्रवासियों का खूब मनोरंजन किया गया। यहां के रामलीला क्लब के संस्थापक  तेजिन्द्र चौहान की देखरेख में आयोजित इस दशहरे मेले का आकर्षण विश्व का सबसे ऊंचा 195 फुट रावण का पुतला था। क्लब सदस्यों द्वारा सुरक्षा के लिहाज से इस विशाल रावण के पुतले के आसपास लगभग 150 फुट के दायरे में बैरिकेट लगा दिए गए ताकि रावण दहन के समय फूटने वाले भयानक पटाखों से किसी प्रकार का किसी को नुकसान न पहुंच सके। दशहरा मेला कार्यक्रम के मुख्यातिथि महर्षि मारकण्डेशवर विश्वविद्यालय के चांसलर तरसेम गर्ग द्वारा रिमोट का बटन दबाकर रावण को आग के हवाले किया गया।
रोज़ाना शाम पांच बजे से शुरु होने वाले इन कार्यक्रमों में सर्वप्रथम अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन आयोजित हुए । जिसमें अशोक चक्रधर, सुरेंद्र शर्मा व पापुलर मेरठी जैसे कई राष्ट्रीय स्तर के याति प्राप्त हास्य कवि अपने हास्य-व्यंग्य के बाण छोड़े। 21 अक्तूबर को देश के जाने-माने जादूगार शंकर सम्राट दर्शकों का मनोरंजन करने हेतु अपनी कला के हैरतअंगेज़ कारनामे दिखाए। इसी प्रकार 22 अक्तूबर की शाम प्रसिद्ध सूफी गायक हंसराज हंस के नाम की जाएगी। जबकि 23 अक्तूबर को देश के मशहूर पंजाबी गायक एवं नौजवान दिलों की धड़कन प्रीत हरपाल अपनी मनमोहक आवाज़ व आकर्षक अंदाज़ में अपनी शानदार गायकी का प्रदर्शन किया। उक्त समस्त कार्यक्रम सायंकाल 5 बजे से प्रतिदिन प्रारंभ हुए।  चूंकि यह सभी कार्यक्रम आम जनता के मनोरंजन हेतु आयोजित किये गए, अत: क्लब द्वारा इसमें आम लोगों को आमंत्रित किया जा गया। 24 अक्तूबर यानी विजयदशमी के दिन एक बार फिर दुनिया का सबसे ऊंचा रावण जिसकी लंबाई इस वर्ष 195 फुट निर्धारित की गई है को अग्रि की भेंट कर दिया गया। इस प्रकार श्री रामलीला क्लब बराड़ा इस वर्ष से पहली बार पांच दिवसीय दशहरा महोत्सव का आयोजन कर इस पूरे आयोजन को एक विशाल मेले का रूप दिया। चौहान के अनुसार विश्व के सबसे ऊंचे रावण के इस विशाल पुतले को समाज में व्याप्त तमाम बुराईयों व कुरीतियों का प्रतीक मानकर उसका दहन किया जाता है। सांप्रदायिकता, जातिवाद, दहेजप्रथा, कन्या भ्रुण हत्या, आतंकवाद, भ्रष्टाचार, मंहगाई, रिश्वतखोरी, अशिक्षा, असमानता, जनसं या वृद्धि, मिलावटखोरी जैसी तमाम सामाजिक बुराईयों को रावण का यह विशाल पुतला प्रतिबिंबित करता है।
चांसलर ने दबाया रिमोट
एमएम यूनिवर्सिटी के चांसलर तरसेम गर्ग ने 600 फुट दूर बनी स्टेज से शाम 6 बजकर 39 मिनट पर रिमोट का बटन दबाया। एक-एक कर पुतले के अंग धमाके के साथ फटने लगे। पहले ताज, फिर तलवार, बाजू, सिर और उसके बाद गर्दन के परखचे उड़े।

देखो  वीडियो .........

रविवार, 26 अगस्त 2012

पार्थवी का जन्मदिन Parthvi's Happy Birthday

पार्थवी का जन्मदिन Parthvi's Happy Birthday
25 अगस्त को पार्थवी का जन्मदिन मनाया गया जिस मे पार्थवी के दोस्तों ने मिल कर एन्जॉय किया गया
पलक और पारस व मैंने बच्चों को विज्ञान के प्रयोग दिखाए और कविता पाठ किया गया
देखें कुछ फोटोग्राफ्स



















 कैसा लगा मेरा जन्मदिन उत्सव

मंगलवार, 10 जुलाई 2012

ग्रीष्म कैम्प पार्थवी के स्कूल में Parthvi's Summer camp

ग्रीष्म कैम्प पार्थवी के स्कूल में Parthvi's Summer camp
पार्थवी के स्कूल मुकुंद लाल पब्लिक स्कूल में ग्रीष्मकालीन कैम्प लगा जिस में पार्थवी ने भी भाग लिया। इस कैम्प में एक दर्जन से भी अधिक गतिविधियां आयोजित की गयी जिस में से पार्थवी ने दो गतिविधियों में भाग लिया
इन गतिविधियों से पार्थवी व अन्य बच्चों ने बहुत कुछ सीखा
कुछ चीजे जो कि पार्थवी ने कुशल मास्टर ट्रेनर्स से बनानी सीखी उन के फोटोग्राफ्स शेयर कर रहा हूँ देखें,











 कैसी लगी आप को पार्थवी की बनाई बिल्ली मौसी, जोकर, गुडिया आदि आदि 
  

सोमवार, 16 अप्रैल 2012

रुई का पेड़ A cotton tree or tree cotton

रुई का पेड़ A cotton tree or tree cotton
पार्थवी कुछ रोज से कह रही थी पापा जी मेरे स्कूल(MLPS YNR) में रुई का ट्री है मैंने देखा है 
उस पर बड़ी बड़ी रुई लगी है 
मैंने पूछा कितना बड़ा है ?
बहुत बड़ा छत जितना 
मैंने कहा नहीं 
नहीं उस पर बड़ी बड़ी रुई लगी है
मैंने बच्चे की बात को झूठ नहीं माना, 
आज मै पार्थवी के स्कूल मुकंद लाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कालोनी Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar गया 
मैंने देखा वास्तव में जहां वो बता रही थी वहाँ एक कोटन ट्री यानि रुई का पेड़ खड़ा था  
मैंने उस के फोटो लिए रुई के सैम्पल लिए,बीज एकत्र किये 
पार्थवी को रुई के पेड़ से कोई लेना देना नहीं था वो तो इस बात से खुश थी की मैं उस की खोज को देखने स्कूल गया था 
बस उस ने कहा ,
देखा मैंने कहा था ना स्कूल में रुई का पेड़ है है ना
बच्चों में प्रकृती अवलोकन अच्छा शौंक है यह शौंक उन में पैदा किया जाता है मुझे याद है एक बार मैंने एक रिश्तेदार के घर में बगीचे में लगे चीकू के पेड़ को उसे दिखाया था तब से उसे पेड़ को ध्यान से देखने की आदत हो गई है उसने अपने मामा के खेत में आम के पेड़ को आम लगे देख कर पहचान कर हैरान कर दिया था 
खैर... 
आप भी देखें उस रुई के पेड़ के फोटो  
cotton tree Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar  
देखें एक और चित्र
cotton tree Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar  
देखें एक और चित्र
cotton tree Mukand Lal Public School Sarojini Colony yamunanagar  
देखें इसकी रुई और बीज का चित्र
रुई और बीज 
वास्तव में यह पेड़ है क्या आओ जाने इस के बारे में, 
 'कॉटन ट्री'
सेमल (वैज्ञानिक नाम:बॉम्बैक्स सेइबा), इस जीनस के अन्य पादपों की तरह सामान्यतया 'कॉटन ट्री' कहा जाता है। इस उष्णकटिबंधीय वृक्ष का सीधा उर्ध्वाधर तना होता है। इसकी पत्तियां डेशिडुअस होतीं हैं। इसके लाल पुष्प की पाँच पंखुड़ियाँ होतीं हैं। ये वसंत ऋतु के पहले ही आ जातीं हैं।
इसका फल एक कैपसूल जैसा होता है। ये फल पकने पर श्वेत रंग के रेशे, कुछ कुछ कपास की तरह के निकालते हैं। इसके तने पर एक इंच तक के मजबूत कांटे भरे होते हैं। इसकी लकड़ी इमारती काम के उपयुक्त नहीं होती है।  इसके फलों से बेहतरीन रूई मिलती है जिससे मुलायम गद्दे व तकिए बनाए जाते हैं। 
सेमल (बोम्बेक्स सीबा)वृक्ष प्रजाति प्राचीन ऋषियों की आध्यात्मिक साधना में सहायक पंचवटी के पांच वृक्षों में सम्मिलित है इसीलिए इसे देव वृक्ष भी कहा जाता है और इसका उल्लेख महाभारत ग्रन्थ में भी मिलता है। इस वृक्ष के सभी हिस्सों का औषधीय महत्व है जो मधुमेह, हृदयरोग, मूत्रज रोग, नपुंसकता तथा प्रदर रोगों में उपयोग होता है तथा व्यावसायिक रुप से भी इसकी रेशमी रुई (KAPOK), बीज, लकडी आदि उपयोग में लिये जाते है। दलों के झड़ जाने पर डोडा या फल रह जाता है जिसमें बहुत मुलायम और चमकीली रूई या घूए के भीतर बिनौले से बीज बंद रहते हैं। सेमल की रूई को जला कर उसकी राख को शरीर के जले हुए भाग पर लगाने से आराम आता है।
सेमल की रूई रेशम सी मुलायम और चमकीली होती है और गद्दों तथा तकियों में भरने के काम में आती है, क्योंकि काती नहीं जा सकती।उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में बहुतायत होने होने वाले सेमल की लकड़ी प्लाइवुड निर्माण के लिए सबसे बेहतरीन मानी जाती है। इससे तैयार प्लाइवुड में फंगस लगने की संभावना कम होती है। किसानों के लिए इसके पेड़ बैंक के एफडी की तरह होता है। जब चाहे उन्हे इसकी ऊंची कीमत मिल जाती है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से भी सेमल काफी अनुकूल माना जाता है। यह सर्वाधिक आक्सीजन मुक्त करने वाला पेड़ माना जाता है।
भारत ही नहीं दुनिया के सुंदरतम वृक्षों में इसकी गिनती होती है। दक्षिण-पूर्वी एशिया का यह पेड़ ऑस्ट्रेलिया, हाँगकाँग, अफ्रीका और हवाई द्वीप के बाग-बगीचों का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। पंद्रह से पैंतीस मीटर की ऊँचाई का यह एक भव्य और तेजी से बढ़ने वाला, घनी पत्तियों का स्वामी, पर्णपाती पेड़ है।
इसके तने पर मोटे तीक्ष्ण काँटों के कारण संस्कृत में इसे 'कंटक द्रुम' नाम मिला है। इसके तने पर जो काँटे हैं वे पेड़ के बड़ा होने पर कम होते जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि युवावस्था में पेड़ को जानवरों से सुरक्षा की जरूरत होती है जबकि बड़ा होने पर यह आवश्यकता खत्म हो जाती है। है न कमाल का प्रबंधन। 
सेमल सुंदर ही नहीं उपयोगी भी है। इसका हर हिस्सा काम आता है। पत्तियाँ चारे के रूप में, पुष्प कलिकाएँ सब्जी की तरह, तने से औषधीय महत्व का गोंद 'मोचरस' निकलता है जिसे गुजरात में कमरकस के रूप में जाना जाता है। लकड़ी नरम होने से खिलौने बनाने व मुख्‍य रूप से माचिस उद्योग में तीलियाँ बनाने के काम आती हैं। रेशमी रूई के बारे में तो आप जान ही गएँ हैं। बीजों से खाद्य तेल निकाला जाता है।
तो कैसा लगा आप को पार्थवी के स्कूल का रुई का पेड़ बताएं जरूर                                     
   

शुक्रवार, 30 मार्च 2012

पार्थवी के जादू भाग - ४ Parthvi's magic-4

पार्थवी के जादू भाग - ४ Parthvi's magic-4

पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला का चौथा जादू प्रस्तुत है

कोई भी एक नोट जिस पर गाँधी जी की तस्वीर हो ले कर V शेप में इस प्रकार मोड़ते हैं कि गांधी जी का मुँह V शेप के बीच में आ जाए और फिर दोनों हाथो से नोट पकड कर उपर नीचे अर्धवृत्ताकार घुमाएँ 
मेरे प्यारे गांधीजी कभी हँसते हैं कभी नाराज होते हैं 
किसी भी देश के नोट जिस पर कोई किसी की तस्वीर हो से ऐसा किया जा सकता है 
या फिर कागज पर किसी की फोटो बना कर ऐसा किया जा सकता है

देखना है कैसे?
तो देखिये यह विडियो ..   
कैसा लगा मेरा चौथा जादू ......    

रविवार, 25 मार्च 2012

पार्थवी के जादू भाग - ३ Parthvi's magic-3

पार्थवी के जादू भाग - ३ Parthvi's magic-3

पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला का तीसरा जादू प्रस्तुत है
एक रूपये का सिक्का लिया
उस पर कांच का गिलास रखा
अरे सिक्का गायब.....!!!
देखना है कैसे?
तो देखिये यह विडियो ..   
कैसा लगा मेरा तीसरा जादू ......    

शुक्रवार, 16 मार्च 2012

पार्थवी के जादू भाग - २ Parthvi's magic-2

पार्थवी के जादू भाग - २ Parthvi's magic-2

पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला  का दुसरा जादू प्रस्तुत है
एक रूपये का सिक्का लिया
उस को उल्ट पुलट कर दिखा दिया
फिर उस को मेज पर रखा
फिर मैंने अपना हाथ उस सिक्के पर रखा
हाथ को उपर उठाया
एक रूपये का सिक्का भी उपर उठ गया
बताओ कैसे ?
देखियेगा यह विडियो ... 
कैसा लगा मेरा दूसरा जादू ......   

रविवार, 11 मार्च 2012

पार्थवी के जादू भाग - १ Parthvi's magic-1

पार्थवी के जादू भाग - १ Parthvi's magic-1
पार्थवी आज से आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला  का पहला जादू प्रस्तुत है
कागज के टुकड़े उठाना
पेन को सूखे बालों में रगड़ो
कागज के टुकडो के पास लाओ
ये क्या ये तो चिपक गए
देखो ये विडियो,
कैसा लगा मेरा पहला जादू ...... 

होली है Holi hai

होली है Holi hai

रविवार, 12 फ़रवरी 2012

एंड्रायड से पोस्ट post through android



पेन्ट किया पार्थवी ने पोस्ट किया मैने ....
बताया नवीन जी हिन्दीटेक ने
नतीजा कामयाब रहा