गुरुवार, 5 मई 2011

पार्थवी Parthvi

'सब को मेरी नमस्ते लड्डू पेडे सस्ते'
आज स्कूल से यह सीख कर आई है |
सच में ये बाते स्कूल ही सिखाता आ रहा है दशकों से,
कुछ नहीं बदलता,
बच्चों के मूह से सब सुन कर अपने बचपन के दिन याद आ जाते है|
धन्यवाद पार्थवी