शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

पार्थवी अक्टूबर के बाद Parthvi's activities after October

पार्थवी अक्टूबर के बाद Parthvi's activities after October  
पार्थवी दशहरे के बाद ब्लॉग से गायब ही हो गयी थी तो आज सब जाने वो कहाँ थी.तो आओ जी जाने कहाँ गयी थी पार्थवी.
दिवाली की धूम 
दिवाली की धूम 
 शादी में डांस 
पार्थवी, अंशवी और अर्श 
 पठाके नहीं चलाये बस देखे
अनार 
 दोस्तों ने गिफ्ट दिए
आरुशी 
 डेरा गुरुद्वारा श्री श्री चंद साहिब
जय हो बाबा जी दी 
 मैन हूँ डान
हा हा मैन हूँ ....
 सर्दी तो है आज पर फन सिटी भी तो जाना है झूले ही झूले
राउंड राउंड डक 
 सबसे उपर वाले में मैन हूँ हा हा हा ....
ये झूला अच्छा है सब से उपर 
 राउंड राउंड बाईक दर्र दर्र दर्र........
मेरी बाईक 
 अब या तो चलो नाथूस में या चलो बिकानो में या सागर रत्ना में भूख लग गयी है .....
शाही  कचोरी यम यम
ठण्ड लग गयी डाक्टर अंकल ने वहीं रख लिया हस्पताल में तीन दिन  उआं उआं 
सीधी नहीं हो रही सारी 
 अब मैं ठीक हूँ चलो घर ........

ये हाथ में से इंजेक्शन कब निकलेगा 
 दो महीने के लिए मिल गयी नयी सौगात इन्हेलर ........
दिन में दो बार यदि ठीक होना है ....

गुरुवार, 6 अक्तूबर 2011

पार्थवी: रावण को क्यूँ जलाते हैं ? dussehra and ravan

पार्थवी: रावण को क्यूँ जलाते हैं ? dussehra and Ravan 
आज दशहरे के पावन अवसर पर पार्थवी ने भी इच्छा जताई कि वो भी देखेगी दशहरा का मेला 
यहाँ यमुनानगर मे ४-५ जगह  दशहरे के मेले लगते हैं इन मे दशहरा मैदान माडल टाउन का दशहरे का मेला देखने का प्रोग्राम बनाया गया.
अब शुरू होता है ना खत्म होने वाला प्रश्नों का सिलसिला 
१. रावण को क्यों जलाते हैं ?
२. रावण के टेन हेड्स कहाँ से आये ?
इस प्रश्न पर तो मुझे अपना बचपन भी याद आगया मैंने पूछा था कि रावण के १० सिर ओरिजनल के अलावा थे या कुल १० सिर थे 
उतर मिला कुल १० 
तब यह सोच पड़ गई की एक तरफ ५ और दूसरी तरफ ४ सिर ...
तो संतुलन कैसे बनता होगा ??
३. बाकी दो रावण कोंन हैं?


  
यमुनानगर के दश्हरा ग्राउंड के  
मुस्लिम कारीगर ने बनाया रावण और दशको से उसका परिवार बनाता है 
मैंने भी मारना है रावण को 
 मारो रावण को पर अपने भीतर के बुराई रूपी रावण को...
 दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है.  
तैयार है  नया राम  जी 
मेला मेले मे झूला, झूले मे झूला मेरा मन  
वाह रे रावण तेरा डूबता सूरज और खुद तू बुराई का पुतला 
वर्षों से कवि-लेखक रावण को खलनायक बताते रहे हैं। रावण खलनायक नहीं, प्रतिनायक है। राम की दूसरी ओर बैठा हुआ। आप उससे असहमत हैं, उसकी अनेक प्रवृत्तियां ऐसी हैं, जिनसे आपको गुरेज है। आपको स्त्री-हरण, भाई के अपमान, अनेक शक्तियों को स्वकेंद्रित करने की बात तो याद है, लेकिन मृत्यु के समय रावण द्वारा लक्ष्मण को दिया ज्ञान भी आपके स्मरण में है? हमारी परंपरा  कीचड़ से भी कमल खिला लेती है। वर्जना से भी हम सृजन कर लेते हैं। इसी परंपरा के कारण धतूरे से भी गुण ले लेते हैं.


आज नी छोड़ना रावण को पर ये फिरकी क्या करेगी ?
मनुष्य का मन दशहरे की तरह उत्सवधर्मी है. बच्चों के लिए बिकने वाला धनुष, गदा वगैरह भी उनके लिए अहिंसक जैसा है. बच्चों ने दशहरे में अस्त्र-शस्त्रों को भी आत्मीय बना लिया है, हिंसाहीन बना लिया है. वे हमें सीख देते हैं. सीख लेना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें हम झुकते हैं और झुकना हमें विनम्र बनाता है. विनम्रता में हमारी वास्तविक उपस्थिति होती है.


जय हो जय हो 
हमेशा की तरह !!
विजयादशमी एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन रावण, उसके भाई कुम्भकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले खुली जगह में जलाए जाते हैं. कलाकार राम, सीता और लक्ष्मण के रूप धारण करते हैं और आग के तीर से इन पुतलों को मारते हैं जो पटाखों से भरे होते हैं. पुतले में आग लगते ही वह धू धू कर जलने लगता है और इनमें लगे पटाखे फटने लगते हैं और जिससे इनका अंत हो जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है.
यह विडियो दशहरा ग्राउंड के रावण के दहन का है.



सोमवार, 26 सितंबर 2011

कुछ लोग... कुछ बातें... !: पाई बनाम टाऊ ! - गणित के कठिन  होने का एक कारण?

कुछ लोग... कुछ बातें... !: पाई बनाम टाऊ ! - गणित के कठिन होने का एक कारण?
असल पोस्ट के कुछ अंश ......

पाई जो सदियों से गणित का सबसे लोकप्रिय अंक और प्रतीक रहा है को इन दस्तावेजों में गलत करार दिया गया है. सबसे पहले आपको काम की ही बात बता दूँ यहाँ पाई गलत होना (Pi is wrong !) कहना थोड़ा भ्रामक है। वास्तव में ये भी यह नहीं कह रहे कि पाई गलत है - बल्कि यह कि पाई अव्यवहारिक है। वैसे ही जैसे अपनी नाक को पकड़ना हो तो हाथ को गर्दन के पीछे से घुमाकर भी यह काम किया जा सकता है पर जब आसानी से नाक पकड़ी जा सकती है तो इतना करने का क्या लाभ? टाऊ समर्थकों के अनुसार टाऊ गणित समझने को थोड़ा आसान बनाता है - पाई थोड़ा कठिन !
पाई का अर्थ होता है वृत्त की परिधि और व्यास का अनुपात। टाऊ का अर्थ है वृत्त की परिधि और त्रिज्या का अनुपात। अर्थात टाऊ हुआ पाई का दोगुना ! बस इतनी सी बात है - पाई की जगह टाऊ बट्टे दो लिख देना है। और टाऊ का मान पाई का दोगुना अर्थात ६.२८...।
इससे गणित और साथ ही दूसरे किसी विज्ञान का कोई भी नियम नहीं बदलेगा। बस इतना होगा कि गणितीय सूत्र यथा नाम तथा गुण के थोडे करीब हो जाएँगे। और इस प्रकार गणित के नियम समझने में थोड़ी आसानी होगी।
अभी अधिकतर सूत्रों में २*पाई लिखना पड़ता है। टाऊ का इस्तेमाल करने पर बार बार २ नहीं लिखना पड़ेगा। बात बस इतनी सी ही नहीं है - एक पूर्ण फेरे से बने कोण को अभी हम २*पाई कहते हैं, आधे को पाई और एक चौथाई को पाई बट्टे २ इत्यादि। अगर हम एक फेरे से बने कोण को टाऊ कहने लगें तो आधे के लिए टाऊ बट्टे २ और चौथाई के लिए टाऊ बट्टे ४ कहेंगे जो ज्यादा इंट्यूटिव है। अगर हम पाई की जगह टाऊ लिखने लगें तो आश्चर्यजनक रूप से इंट्यूटिव लगने के अलावा गणित, भौतिकी और अभियांत्रिकी के कई कठिन सूत्र भी आसान हो जाएँगे ! जैसे गणित का वो खूबसूरत समीकरण जिसकी चर्चा इस पोस्ट में है वो कुछ यूं हो जाएगा...

सोमवार, 29 अगस्त 2011

जन्मदिन खास रिपोर्ट My Birthday

जन्मदिन खास रिपोर्ट My Birthday
जन्मदिन का मनाया जाना सब के लिए खास होता है वो दिन भी याद है जब किसी बच्चे के जन्मदिन की पार्टी से आकर पार्थवी ने कहा मेरा जन्मदिन भी अभी के अभी मनाओ .......... कैसे समझाया कि जन्मदिन कब मनाया जाता है बस हमें ही मालूम है .
जन्मदिन की पार्टी के लिए तैयार पार्थवी 
खास मित्रों का स्वागत है जफ्फियाँ पा के ...
कईं कार्यक्रम किये गए विजेता बच्चों को प्राईज़ दिए गए .
केक कटा सब बोले हैप्पी बर्थ डे टू यू ......
 पापा का गिफ्ट क्या है इस मे ????
सब के सब खुश हैं छोटे बड़े सब के सब ....


पापा ने दिखाया मैजिक शो सब बच्चे हैरान परेशान ये कैसे हो जता है ....जादू है जादू 
अच्छा ओके बाय ....
मुझे शुभकामनाओं से नवाजने वाले सब ब्लोगर साथीयों को मेरी तरफ बहुत बहुत धन्यवाद जी 

बुधवार, 24 अगस्त 2011

मेरा जन्म दिन है :) my birthday 25 August :)

मेरा जन्म दिन है :) my birthday 25 August :)
ज़रा पहचानो तो मै कौन हूं | 




अरे ये तो मै ही हूं आपकी पार्थवी 


Happy Birthday to me :) 
Thank you 


शनिवार, 9 जुलाई 2011

स्कूल शुरू Aah.. school

छुट्टियाँ खत्म स्कूल शुरू,ये होलीडेज इतने कम क्यूँ होते हैं ?-पार्थवी

मंगलवार, 21 जून 2011

सिम्पल माईक्रोस्कोप Simple Microscope

सिम्पल माईक्रोस्कोप Simple Microscope
 जब हम  सिम्पल माईक्रोस्कोप को सन लाईट मे ले जाते हैं और फोकस करते है  तो उससे हाथ जलने लगता है इस सिम्पल माईक्रोस्कोप मे कोन्वेक लेंस (कोंवेक्स लेंस) लगा होता है इस से देखने पर abcd बड़े बड़े दीखते हैं स्कूल मे मैडम ने कहा है इसको स्कूल मे नहीं लाना है घर पर खेलो इस से .....पार्थवी उवाच 
पौधो का गहन निरीक्षण व अध्ययनरत

फोकस करने का चित्र 
कैसी लगी पोस्ट ?

गुरुवार, 16 जून 2011

गुरुवार, 5 मई 2011

पार्थवी Parthvi

'सब को मेरी नमस्ते लड्डू पेडे सस्ते'
आज स्कूल से यह सीख कर आई है |
सच में ये बाते स्कूल ही सिखाता आ रहा है दशकों से,
कुछ नहीं बदलता,
बच्चों के मूह से सब सुन कर अपने बचपन के दिन याद आ जाते है|
धन्यवाद पार्थवी

रविवार, 17 अप्रैल 2011

आओ वर्ग करना सीखें Square of a Number


आओ वर्ग करना सीखें  Square of a Number

गणित के लिए नज़ारे जब बच्चों ने सीखा वर्ग करना आसान तरीके से, 

जिन संख्याओं के पीछे 5 आता है उन का वर्ग करने के लिए एक आसान विधि का यहाँ वर्णन है| 

जैसे 15 का वर्ग 15 x 15= 225

इकाई का अंक 1 और इकाई के अंक से 1 ज्यादा यानी 2 की गुणा 

1 x (1+1)= 1 x 2=2 लेकर और दायीं तरफ हर बार 25 ही होगा =225

अब 25 का वर्ग,

2 x (2+1)= 2 x 3=6 बाद में 25 यानी हो गया 625

अब 35 का वर्ग,

3 x (3+1)= 3 x 4=12 बाद में 25 यानी हो गया 1225  

अब 45 का वर्ग,

4 x (4+1)= 4 x 5=20 बाद में 25 यानी हो गया 2025

अब 55 का वर्ग,

5 x (5+1)= 5 x 6=30 बाद में 25 यानी हो गया 3025

अब 65 का वर्ग,

6 x (6+1)= 6 x 7=42 बाद में 25 यानी हो गया 4225  

(n5)= n x (n+1) बाद में 25 यानी हो गया = {n x (n+1)} व 25 
जहां n=1,2,3,4,5 ------------- 

गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

क्वचिदन्यतोअपि..........!: आईये शनि दर्शन का लाभ उठाईये!

क्वचिदन्यतोअपि..........!: आईये शनि दर्शन का लाभ उठाईये!

आईये शनि दर्शन का लाभ उठाईये!

इस माह में धरती से शनि करीब होंगे और नंगी आँखों से दिखेगें यह समाचार आते ही मन इस खगोलीय घटना को देखने को ललक उठा था ....बताया गया था कि ६ अप्रैल को ही शनि का सुन्दर नजारा दिखेगा ..मैं तभी से इस अवसर का लाभ उठाने को व्यग्र था ..मेरी बात दर्शन बवेजा जी से भी हुयी जिन्हें विज्ञान में काफी रूचि है ....उनका दावा था कि उन्होंने शनि को ६ अप्रैल को ही देख लिया था -मगर मैं उतना भाग्यशाली नहीं था और यहाँ बनारस का आसमान भी कई दिनों से साफ नहीं था -बादल और धुंध से भरा था ...लिहाजा मैं मन मसोस करके रह गया मगर मेरा शनि अन्वेषण जारी रहा और आज तो खूब आह्लादित हूँ -आज यहाँ रात्रि -आसमान बिलकुल साफ़ है और शनि अपने पूरे सौष्ठव के साथ पूर्व दिशा को आलोकित कर रहे हैं!और अंधे को भी दिख जाएँ इतना साफ़ दिख रहे हैं!

शनिवार, 9 अप्रैल 2011

कितने हिरन और कितने शतुरमुर्ग हैं ?Parthvi

http://en.wikipedia.org/wiki/Ostrich
एक चिडियाघर में कुछ हिरन और कुछ शतुरमुर्ग  हैं जब उनके सर गिने गए तो  उनके सिरों की कुल संख्या 45 थी  । और जब उन सब के पैर गिने गए तो उनके पैरों का योग 160  है तो कितने  हिरन और कितने  शतुरमुर्ग  हैं ?

मंगलवार, 5 अप्रैल 2011

कृत्रिम हरा पत्ता या बिजली का कारखाना? - Artificial green leaf or electric factory? - www.bhaskar.com

कृत्रिम हरा पत्ता या बिजली का कारखाना? - Artificial green leaf or electric factory? - www.bhaskar.com
हाल ही में जापान में भूकंप और सुनामी के बाद परमाणु ऊर्जा संयंत्र से हुए विकिरण रिसाव के खतरे ने कई कठिन सवाल खड़े कर दिया हैं। भूगर्भ में छिपे ऊर्जा के साधनों के खत्म होने के बाद जिस परमाणु ऊर्जा को सबसे मुफीद ऊर्जा का स्रोत माना जा रहा है, उस पर डरावने प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। जिस ऊर्जा में बड़े पैमाने पर मानव जाति के संहार का खतरा निहित हो, उस पर भला कितना निर्भर रहना चाहिए?

ऐसे में अरसे से ऊर्जा का किफायती, स्थायी और सुरक्षित साधन तलाश कर रही दुनिया के लिए एक ताजा रिसर्च लाभदायक और चमत्कारी साबित हो सकती है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीटच्यूट्स ऑफ टेकनॉलाजी के शोधकर्ताओं ने पहली बार ऐसी कृत्रिम पत्ती बनाने में सफलता हासिल कर ली है जो बिलकुल वास्तविक पत्तियों की भांति सूर्य की रोशनी का इस्तेमाल करके पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के घटकों के रूप में अलग-अलग कर देती है।

वैज्ञानिकों ने दरअसल ताश के पत्तों के आकार का एक परिष्कृत सोलर सेल विकसित किया है जो प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को ठीक उसी तरह दोहरा सकता है, जिस तरह पत्तियां ऐसा करती हैं। हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण के जरिये ही सूरज की रोशनी और पानी को ऊर्जा में तब्दील करते हैं। ‘कृत्रिम पत्ती वह अनमोल चीज है जिसकी तलाश में लंबे अरसे से हजारों शोधकर्ता जुटे थे। हमें विश्वास है कि हमने पहली बार व्यावहारिक कृत्रिम पत्ती बनाने में सफलता हासिल कर ली है।’ यह बात रिसचर्स की टीम के प्रमुख डेनियल नोसेरा कहते हैं।

बिजली का नया स्रोत: शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज विकासशील देशों के लिए बहुत काम की साबित हो सकती है, क्योंकि यह सस्ती बिजली के नए द्वार खोलेगी जिससे करोड़ों लोग लाभान्वित होंगे। शोधकर्ता नोसेरा कहते हैं कि इस सोलर सेल के माध्यम से उनकी योजना हर घर को पॉवर हाउस में तब्दील करने की है। उन्होंने कहा कि एशिया और अफ्रीका के सुदूर गांवों में यह तकनीक कमाल कर सकती है।

कैसे बनेगी बिजली: कृत्रिम पत्ती का आकार जरूर ताश के पत्ते के बराबर है, लेकिन मोटाई में यह उससे भी पतली है। सिलिकॉन निर्मित इस पत्ती को जब कड़ी धूप में एक गैलन पानी में रखा जाता है, तो यह किसी भी आम घर के लिए एक दिन के इस्तेमाल की बिजली उत्पन्न कर सकती है। प्रक्रिया यह है कि कृत्रिम पत्ती पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के अणुओं में विभक्त कर देती है। फिर दोनों गैसों को एक ईंधन वाले सेल में एकत्रित किया जा सकता है, जहां इनसे बिजली बनाई जाएगी। इसके लिए जरूरी उपकरण को घर की छत पर अथवा किसी भी खुले स्थान पर आसानी से रखा जा सकता है।

सस्ता विकल्प: यह बिजली काफी सस्ती होगी क्योंकि इसके लिए जरूरी उपकरण को बनाने में निकल और कोबाल्ट जैसे पदार्थ इस्तेमाल किए जाएंगे जो काफी आसानी से उपलब्ध होते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह कृत्रिम पत्ती नैसर्गिक पत्ती के मुकाबले 10 गुना तक अधिक प्रभावी ढंग से प्रकाश संश्लेषण करती है।
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सोमवार, 10 जनवरी 2011

वजन के बाट कितने कितने होंगे बताना जी ? How many weights

वजन के बाट कितने कितने होंगे बताना जी 
 एक क्विंटल के सात बाट इस् प्रकार बनाओ?
कि एक किलोग्राम से 100 किलोग्राम  तक का सामान तोला जा सके
और  ध्यान ये रखना है कि बाट केवल एक ही पलड़े में रखने है| 
उत्तर  :
 1,2,4,8,16,32,64 किलोग्राम्स के बाट होंगें |