शुक्रवार, 17 सितंबर 2010

ये बताओ तो जरा पहेली है मजेदारPuzzle

ये बताओ तो जरा पहेली है मजेदार Puzzle
एक दूकानदार 1/-रुपयें मे 75 पैसों की चिल्लर (रेजगारी)देता है |
रामू को 10/-रुपयों की चिल्लर (रेजगारी) लेनी है ?
वो अपनी सूझ-बूझ से 10/-रुपयों मे 8/- रुपयों के बराबर की चिल्लर (रेजगारी) ले आता है |
जबकि उसको 7.50/- रुपयों के बराबर की चिल्लर मिलनी चाहिए थी |
बताओ तो कैसे ?

बुधवार, 15 सितंबर 2010

पहेली : बर्तन खरीदों 100 मे 100 (100 me 100)

पहेली : बर्तन खरीदों 100 मे 100 (100 me 100)
100/- रुपयों मे 100 बर्तन खरीदने है|
मूल्य इस प्रकार है,  
एक गिलास = 5/-  रूपये 
एक कटोरी  =  1/-  रूपये 
20 चम्मच    = 1/-  रूपये 
शर्त :-सभी बर्तन लेने अनिवार्य है|

सोमवार, 13 सितंबर 2010

पार्थवी ने देखा जालियांवाला बाग,गोल्डन टेम्पल Amritsar


पार्थवी ने देखा जालियांवाला बाग,गोल्डन टेम्पल Amritsar
दो दिन की छुट्टी को मनाने के लिए पार्थवी  चली अमृतसर देखने जालियांवाला बाग,गोल्डन टेम्पल 
पार्थवी जब 1वर्ष की थी तब से ही घर मे लगी शहीद भगत सिंह जी की फोटो की तरफ आकर्षित होती है और भगत सिंह का नाम तब से ही साफ़ साफ़ बोल लेती है |
ईद के दिन स्कूल की छुट्टी थी अगले दिन इतवार ,बना कार्यक्रम और चल दिए अमृतसर को ,
  प्रवेश जालियांवाला बाग 
अमर ज्योती जला कर शहीदों को नमन 
शहीद स्मारक याद दिलाता शहीदों की 
गोली कांड का वर्णन 
गोलियों के निशान
गोलियों के निशान
 यह वो कुआं है जहाँ जान बचाने के लिए लोग कूदते गए  और दब कर ... 
एक चित्र घटना को दर्शाता 

ये जो साथ मे है 
अंशवी  दीदी 
पार्थवी की चाची की बेटी 
बाग को देखते हुवे






श्री दरबार साहिब ,स्वर्ण मंदिर अमृतसर मे मत्था टेका और शबद सुने फिर लंगर छका 
   फिर चले अपने घर को 
कैसी लगी यात्रा ?

शुक्रवार, 3 सितंबर 2010

पार्थवी ने मनाई जन्माष्टमी Krishna Janmashtami

पार्थवी ने मनाई जन्माष्टमी Krishna Janmashtami
 आज पार्थवी ने नगर मे आयोजित श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव की धूम धाम पूर्ण उत्साह से देखी  पिछले साल तक तो पार्थवी को यह पर्व बस जय जय होली है पता था परन्तु इस वर्ष इन्हें ये बताया  गया की आज कान्हा का हैप्पी बर्थडे है
तो इनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और लहंगा ड्रेस पहन कर चहकती फिरी |
कुछ फोटो :- 
सुदामा जी को  देखा कितने खुश है जी 
भजन सुने रास लीला देखी 
भव्य दरबार भी देखा 
56 भोग का प्रशाद भी देखा ,कुछ आप भी देखे 
जय  श्री कान्हा जी की