सोमवार, 31 मई 2010

बेटियाँ


बेटियाँ प्यारी मावां नू
माँ को प्यारी बेटी
बेटी को प्यारी माँ
फिर क्यूँ गवानी पड़े
आजन्मी को जाँ

करो बेटिओं का आदर
व पावो उन से प्यार
पावो उन से छुटकारा
इनसे है घर का श्रृंगार

सही कहा है किसी ने
बेटी नहीं बचावोगे
तो बहु कहा से लावोगे
तो बहु कहा से लावोगे...