शुक्रवार, 16 मार्च 2012

पार्थवी के जादू भाग - २ Parthvi's magic-2

पार्थवी के जादू भाग - २ Parthvi's magic-2

पार्थवी आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला  का दुसरा जादू प्रस्तुत है
एक रूपये का सिक्का लिया
उस को उल्ट पुलट कर दिखा दिया
फिर उस को मेज पर रखा
फिर मैंने अपना हाथ उस सिक्के पर रखा
हाथ को उपर उठाया
एक रूपये का सिक्का भी उपर उठ गया
बताओ कैसे ?
देखियेगा यह विडियो ... 
कैसा लगा मेरा दूसरा जादू ......   

रविवार, 11 मार्च 2012

पार्थवी के जादू भाग - १ Parthvi's magic-1

पार्थवी के जादू भाग - १ Parthvi's magic-1
पार्थवी आज से आप को कभी कभी जादू के रूप में कुछ प्रयोग कर के दिखायेगी
तो इस श्रृंखला  का पहला जादू प्रस्तुत है
कागज के टुकड़े उठाना
पेन को सूखे बालों में रगड़ो
कागज के टुकडो के पास लाओ
ये क्या ये तो चिपक गए
देखो ये विडियो,
कैसा लगा मेरा पहला जादू ...... 

होली है Holi hai

होली है Holi hai

रविवार, 12 फरवरी 2012

एंड्रायड से पोस्ट post through android



पेन्ट किया पार्थवी ने पोस्ट किया मैने ....
बताया नवीन जी हिन्दीटेक ने
नतीजा कामयाब रहा


शुक्रवार, 30 दिसम्बर 2011

पार्थवी अक्टूबर के बाद Parthvi's activities after October

पार्थवी अक्टूबर के बाद Parthvi's activities after October  
पार्थवी दशहरे के बाद ब्लॉग से गायब ही हो गयी थी तो आज सब जाने वो कहाँ थी.तो आओ जी जाने कहाँ गयी थी पार्थवी.
दिवाली की धूम 
दिवाली की धूम 
 शादी में डांस 
पार्थवी, अंशवी और अर्श 
 पठाके नहीं चलाये बस देखे
अनार 
 दोस्तों ने गिफ्ट दिए
आरुशी 
 डेरा गुरुद्वारा श्री श्री चंद साहिब
जय हो बाबा जी दी 
 मैन हूँ डान
हा हा मैन हूँ ....
 सर्दी तो है आज पर फन सिटी भी तो जाना है झूले ही झूले
राउंड राउंड डक 
 सबसे उपर वाले में मैन हूँ हा हा हा ....
ये झूला अच्छा है सब से उपर 
 राउंड राउंड बाईक दर्र दर्र दर्र........
मेरी बाईक 
 अब या तो चलो नाथूस में या चलो बिकानो में या सागर रत्ना में भूख लग गयी है .....
शाही  कचोरी यम यम
ठण्ड लग गयी डाक्टर अंकल ने वहीं रख लिया हस्पताल में तीन दिन  उआं उआं 
सीधी नहीं हो रही सारी 
 अब मैं ठीक हूँ चलो घर ........

ये हाथ में से इंजेक्शन कब निकलेगा 
 दो महीने के लिए मिल गयी नयी सौगात इन्हेलर ........
दिन में दो बार यदि ठीक होना है ....

बृहस्पतिवार, 6 अक्तूबर 2011

पार्थवी: रावण को क्यूँ जलाते हैं ? dussehra and ravan

पार्थवी: रावण को क्यूँ जलाते हैं ? dussehra and Ravan 
आज दशहरे के पावन अवसर पर पार्थवी ने भी इच्छा जताई कि वो भी देखेगी दशहरा का मेला 
यहाँ यमुनानगर मे ४-५ जगह  दशहरे के मेले लगते हैं इन मे दशहरा मैदान माडल टाउन का दशहरे का मेला देखने का प्रोग्राम बनाया गया.
अब शुरू होता है ना खत्म होने वाला प्रश्नों का सिलसिला 
१. रावण को क्यों जलाते हैं ?
२. रावण के टेन हेड्स कहाँ से आये ?
इस प्रश्न पर तो मुझे अपना बचपन भी याद आगया मैंने पूछा था कि रावण के १० सिर ओरिजनल के अलावा थे या कुल १० सिर थे 
उतर मिला कुल १० 
तब यह सोच पड़ गई की एक तरफ ५ और दूसरी तरफ ४ सिर ...
तो संतुलन कैसे बनता होगा ??
३. बाकी दो रावण कोंन हैं?


  
यमुनानगर के दश्हरा ग्राउंड के  
मुस्लिम कारीगर ने बनाया रावण और दशको से उसका परिवार बनाता है 
मैंने भी मारना है रावण को 
 मारो रावण को पर अपने भीतर के बुराई रूपी रावण को...
 दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है.  
तैयार है  नया राम  जी 
मेला मेले मे झूला, झूले मे झूला मेरा मन  
वाह रे रावण तेरा डूबता सूरज और खुद तू बुराई का पुतला 
वर्षों से कवि-लेखक रावण को खलनायक बताते रहे हैं। रावण खलनायक नहीं, प्रतिनायक है। राम की दूसरी ओर बैठा हुआ। आप उससे असहमत हैं, उसकी अनेक प्रवृत्तियां ऐसी हैं, जिनसे आपको गुरेज है। आपको स्त्री-हरण, भाई के अपमान, अनेक शक्तियों को स्वकेंद्रित करने की बात तो याद है, लेकिन मृत्यु के समय रावण द्वारा लक्ष्मण को दिया ज्ञान भी आपके स्मरण में है? हमारी परंपरा  कीचड़ से भी कमल खिला लेती है। वर्जना से भी हम सृजन कर लेते हैं। इसी परंपरा के कारण धतूरे से भी गुण ले लेते हैं.


आज नी छोड़ना रावण को पर ये फिरकी क्या करेगी ?
मनुष्य का मन दशहरे की तरह उत्सवधर्मी है. बच्चों के लिए बिकने वाला धनुष, गदा वगैरह भी उनके लिए अहिंसक जैसा है. बच्चों ने दशहरे में अस्त्र-शस्त्रों को भी आत्मीय बना लिया है, हिंसाहीन बना लिया है. वे हमें सीख देते हैं. सीख लेना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें हम झुकते हैं और झुकना हमें विनम्र बनाता है. विनम्रता में हमारी वास्तविक उपस्थिति होती है.


जय हो जय हो 
हमेशा की तरह !!
विजयादशमी एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन रावण, उसके भाई कुम्भकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले खुली जगह में जलाए जाते हैं. कलाकार राम, सीता और लक्ष्मण के रूप धारण करते हैं और आग के तीर से इन पुतलों को मारते हैं जो पटाखों से भरे होते हैं. पुतले में आग लगते ही वह धू धू कर जलने लगता है और इनमें लगे पटाखे फटने लगते हैं और जिससे इनका अंत हो जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है.
यह विडियो दशहरा ग्राउंड के रावण के दहन का है.